आपके रूप में भगवान् महावीर ही बोल रहे हैं
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परमपूज्य आचार्यप्रवर लगभग ८ महीनों तक नेपाल की भूमि को
पावन कर भारत पधारे हैं |
आचार्यवर के प्रति जैसी श्रद्धा-भक्ति भारत के लोगों में है,
वैसी ही श्रद्धा-भक्ति नेपाली लोगों में भी है |
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नेपाल महात्मा बुद्ध की और
भारत भगवान् महावीर की जन्मभूमि है |
दोनों ही महापुरुषों ने जनता को अध्यात्म का सन्देश दिया |
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परम पूज्य आचार्यश्री भी प्रतिदिन महावीर-वाणी से
अपने प्रवचन का प्रारम्भ करवाते हैं |
हमें तो ऐसा लगता है
आपके रूप में भगवान् महावीर ही बोल रहे हैं |
- संघमहानिदेशिका महाश्रमणी साध्वीप्रमुखाश्री कनकप्रभाजी